रहाणे को संन्यास के बाद सबसे पहले सचिन तेंदुलकर का फोन आया
अजिंक्य रहाणे ने बताया कि संन्यास की घोषणा के बाद सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने उनसे संपर्क किया, लेकिन उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बताया कि संन्यास की घोषणा के बाद सबसे पहला फोन उन्हें सचिन तेंदुलकर का आया था। रहाणे ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में कहा कि सचिन ने उनसे कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि रहाणे अभी और क्रिकेट खेलेंगे।
रहाणे ने बताया, 'सबसे पहला फोन सचिन पाजी का आया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि मैं और खेलूंगा। मैंने उनसे कहा कि मैं इसे खींचना नहीं चाहता था, क्योंकि मैं बिना किसी पछतावे के संन्यास ले रहा हूं।'
सचिन के अलावा पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी उन्हें फोन किया। वहीं चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने मैसेज करके उनसे बात की। रहाणे ने बताया कि उन्होंने सभी को यही जवाब दिया कि वह अपने करियर से पूरी तरह खुश हैं और उन्होंने खेल को अपना सबकुछ दिया, इसलिए संन्यास के फैसले को लेकर उनके मन में कोई मलाल नहीं है।
रहाणे ने अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया। वह 2011 में भारतीय टीम में आए थे, जब ड्रेसिंग रूम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, एमएस धोनी और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज मौजूद थे। उनके मुताबिक, टीम में आने के शुरुआती पांच-छह महीनों में वह इन बड़े खिलाड़ियों को देखकर और उनसे सीखकर काफी कुछ समझने की कोशिश करते थे और उस दौर में सीनियर खिलाड़ियों ने उनका काफी साथ दिया।
रहाणे के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए, खासकर टेस्ट क्रिकेट में, कई अहम पारियां खेलीं। संन्यास के बाद उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अपने फैसले को लेकर पीछे मुड़कर नहीं देख रहे और उनके लिए सबसे बड़ी बात यही है कि उन्होंने क्रिकेट को पूरी ईमानदारी से समय दिया।
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